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Apr 11, 2026, 2:19 AM

पृथ्वी पर सुरक्षित लौटा नासा का आर्टेमिस ll, चंद्रमा की परिक्रमा कर रचा इतिहास

नासा का आर्टेमिस चंद्रमा की परिक्रमा कर इतिहास रच वापस पृथ्वी पर लौट आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मिशन के चार अंतरिक्ष यात्री यों ने शुक्रवार शाम को प्रशांत महासागर में स्प्लेश डाउन किया और चंद्रमा के चारों ओर की गई परिक्रमा खत्म करते हुए पृथ्वी पर सुरक्षित वापस लौटे। इस मिशन में कमांडर रीड वाइज मैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टिना कोच और जेरेमी हैंसन ने अपनी 10 दिनों की ऐतिहासिक यात्रा को पूरा किया। इनका स्प्लैशडाउन सैन डिएगो 40 से 60 मील दूर प्रशांत महासागर में हुआ। यहां रिकवरी टीम पहले से मौजूद थी। क्या रही उपलब्धि आर्टेमिस ll की उपलब्धियों की बात करें तो पिछले 53 वर्षों में यह मनुष्यों की चंद्रमा पहली यात्रा थी। इससे पहले 1972 में अपोलो के साथ ये किया गया था। इस मिशन के शामिल क्रू ने चंद्रमा के दूसरे हिस्से को करीब से देखा और दूर की यात्रा में मानव इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड कायम किया। यह यात्रा लगभग 252756 मिल की थी। इस दौरान चंद्रमा की अलग-अलग तस्वीर ली सूर्य ग्रहण का नजारा भी देखा और कुछ वैज्ञानिक का अवलोकन किया। Welcome home Reid, Victor, Christina, and J

DB

Diksha Bhanupriy

Staff Writer · Mpbreakingnews

पृथ्वी पर सुरक्षित लौटा नासा का आर्टेमिस ll, चंद्रमा की परिक्रमा कर रचा इतिहास

Image courtesy Mpbreakingnews

नासा का आर्टेमिस ll मिशन कामयाब हुआ है। चंद्रमा की परिक्रमा करने के बाद स्पेसक्राफ्ट में सवार चारों यात्री वापस लौट आए हैं। प्रशांत महासागर में इनका स्प्लैशडाउन हुआ। जहां मौजूद रिकवरी टीम ने इन्हें सुरक्षित उतार लिया। नासा का आर्टेमिस चंद्रमा की परिक्रमा कर इतिहास रच वापस पृथ्वी पर लौट आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मिशन के चार अंतरिक्ष यात्री यों ने शुक्रवार शाम को प्रशांत महासागर में स्प्लेश डाउन किया और चंद्रमा के चारों ओर की गई परिक्रमा खत्म करते हुए पृथ्वी पर सुरक्षित वापस लौटे। इस मिशन में कमांडर रीड वाइज मैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टिना कोच और जेरेमी हैंसन ने अपनी 10 दिनों की ऐतिहासिक यात्रा को पूरा किया। इनका स्प्लैशडाउन सैन डिएगो 40 से 60 मील दूर प्रशांत महासागर में हुआ। यहां रिकवरी टीम पहले से मौजूद थी। क्या रही उपलब्धि आर्टेमिस ll की उपलब्धियों की बात करें तो पिछले 53 वर्षों में यह मनुष्यों की चंद्रमा पहली यात्रा थी। इससे पहले 1972 में अपोलो के साथ ये किया गया था। इस मिशन के शामिल क्रू ने चंद्रमा के दूसरे हिस्से को करीब से देखा और दूर की यात्रा में मानव इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड कायम किया। यह यात्रा लगभग 252756 मिल की थी। इस दौरान चंद्रमा की अलग-अलग तस्वीर ली सूर्य ग्रहण का नजारा भी देखा और कुछ वैज्ञानिक का अवलोकन किया। Welcome home Reid, Victor, Christina, and Jeremy!

🫶 The Artemis II astronauts have splashed down at 8:07pm ET (0007 UTC April 11), bringing their historic 10-day mission around the Moon to an end. pic. twitter.

पृथ्वी पर सुरक्षित लौटा नासा का आर्टेमिस ll, चंद्रमा की परिक्रमा कर रचा इतिहास

com/1yjAgHEOYl — NASA (@NASA) April 11, 2026 कैसे हुई वापसी नासा द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक स्पेसक्राफ्ट वापसी के समय जब वायुमंडल में प्रवेश कर रहा था। तब 32 गुना ध्वनि की गति से आगे बढ़ा और हजारों डिग्री तापमान झेलते हुए पैराशूट की मदद से लगभग 17 मील प्रति घंटे की रफ्तार से पानी में उतरा। इस मिशन को नासा के आर्टेमिस प्रोग्राम का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया जा रहा है। इसके जरिए चंद्रमा पर मानव बेस स्थापित करना और मंगल ग्रह पर मानव मिशन भेजना है। आर्टेमिस ll के जरिए चंद्रमा की परिक्रमा सफलतापूर्वक कर ली गई है अब आर्टेमिस lll के जरिए चंद्रमा की सतह कर उतरने की योजना है। All four of the Artemis II astronauts have been successfully extracted from the Orion spacecraft following splashdown and are now on the USS John P.

Murtha. Next up, they will be escorted to the medical bay where they will undergo post-mission medical evaluations. pic. twitter.

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