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Mar 27, 2026, 1:43 PM

एस-400 मिसाइल सिस्टम समेत 2.38 लाख करोड़ की रक्षा खरीद को मंजूरी

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Staff Writer · Livehindustan

एस-400 मिसाइल सिस्टम समेत 2.38 लाख करोड़ की रक्षा खरीद को मंजूरी

Image courtesy Livehindustan

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच भारत लगातार अपनी रक्षा तैयारियों को मजबूत कर रहा। इसी सिलसिले में शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में 2.

38 लाख करोड़ रुपये के रक्षा खरीद प्रस्तावों को औपचारिक मंजूरी प्रदान की गई। इसमें पांच एस-400 मिसाइल सिस्टम, बड़ी संख्या में मध्यम स्तर के परिवहन विमान, बख्तरभेदी टैंक, धनुष गन आदि शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी बयान के अनुसार थल सेना के लिए वायु रक्षा ट्रैक प्रणाली, बख्तरबंद भेदी टैंक गोला-बारूद, उच्च क्षमता वाली रेडियो रिले, धनुष गन सिस्टम और रनवे स्वतंत्र हवाई निगरानी प्रणाली को खरीद की मंजूरी दी गई।वायु रक्षा ट्रैक प्रणाली वास्तविक समय में वायु रक्षा नियंत्रण और रिपोर्टिंग क्षमता प्रदान करेगी, जबकि उच्च क्षमता वाली रेडियो रिले विश्वसनीय और त्रुटिरहित संचार सेवा प्रदान करेगी। धनुष गन सिस्टम तोपखाने की क्षमताओं को बढ़ाएगा, जिससे सभी प्रकार के भूभागों में लंबी दूरी पर लक्ष्यों को भेदने की क्षमता में वृद्धि होगी। रनवे स्वतंत्र हवाई निगरानी प्रणाली सेना इकाइयों को निगरानी क्षमता प्रदान करेगी, जबकि बख्तरबंद भेदी टैंक गोला-बारूद सेना की मारक क्षमता को बढ़ाएगा। रक्षा मंत्रालय के अनुसार भारतीय तटरक्षक बल के लिए भारी-भरकम एयर कुशन वाहनों के लिए मंजूरी दी गई है। इन वाहनों का उपयोग बहुउद्देशीय समुद्री तटीय परिचालन भूमिकाओं के लिए किया जाएगा, जिसमें उच्च गति तटीय गश्त, टोही, खोज और बचाव अभियान, जहाजों को सहायता प्रदान करना और रसद सहित कर्मियों और सामानों का परिवहन करना शामिल है।ताकतवर होगी भारतीय वायुसेनामंत्रालय के अनुसार भारतीय वायु सेना के लिए मध्यम स्तर के परिवहन विमान, कम से कम 5 एस-400 लंबी दूरी की सतह से वायु में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली, रिमोट से संचालित स्ट्राइक विमान की खरीद और सुखोई-30 एयरो इंजन एग्रीगेट्स के नवीनीकरण के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है। एनएन-32 और आईएल 76 के परिवहन बेड़े को प्रतिस्थापित करके मध्यम स्तर के परिवहन विमानों को शामिल करने से सेवाओं की रणनीतिक, सामरिक और परिचालन हवाई परिवहन आवश्यकताओं को पूरा किया जाएगा।भारत के पास होंगे दस एस-400एस-400 प्रणाली महत्वपूर्ण क्षेत्रों को निशाना बनाने वाले दुश्मन के लंबी दूरी के हवाई हमलों का मुकाबला करेगी। भारत के पास ऐसे तीन सिस्टम मौजूद हैं जबकि दो रूस से इस साल मिलने हैं। अब पांच और खरीदे जाएंगे। रिमोटली पायलेटेड स्ट्राइक एयरक्राफ्ट आक्रामक जवाबी और समन्वित हवाई अभियानों को अंजाम देने में सक्षम बनाएगा, साथ ही गुप्त खुफिया, निगरानी और पहचान गतिविधियां भी प्रदान करेगा। सुखोई-30 एयरो इंजन और इसके घटकों के नवीनीकरण से विमान का सेवा जीवन बढ़ेगा और वायु सेना की परिचालन आवश्यकताओं की पूर्ति होगी।धनुष से पल में दुश्मन के ठिकाने तबाहधनुष गन भारत में विकसित एक उन्नत तोप है जिसे भारतीय सेना के लिए बनाया गया है। धनुष गन का प्रयोग दुश्मन के ठिकानों, बंकर और भारी सैन्य संरचनाओं को नष्ट करने के लिए होता है। यह मूल रूप से स्वीडन की बोफोर्स एफएच-77बी तोप पर आधारित है लेकिन इसमें कई आधुनिक सुधार किए गए हैं। इसे ऑर्डिनेस फैक्टरी बोर्ड द्वारा विकसित किया गया है। यह मेक इन इंडिया पहल के तहत स्वदेशी तकनीक से तैयार की गई है।विशेषताएं...

एस-400 मिसाइल सिस्टम समेत 2.38 लाख करोड़ की रक्षा खरीद को मंजूरी

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